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पटना में अडरग्राउंड मेट्रो का काम शुरू, पहले स्टेशन बनेंगे फिर होगा सुरंग का निर्माण; देखें रूट

बिहार की राजधानी पटना में अंडरग्राउंड मेट्रो का काम शुरू हो गया है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने निर्माण कार्य का शुभारंभ किया।

पहले अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे, इसके बाद सुरंग का काम होगा।

पटना में अंडरग्राउंड मेट्रो का काम शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस परियोजना की शुरुआत की। पटना में इस कोरिडर के अंतर्गत 6 अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन होंगे। इनमें राजेंद्र नगर, मोइनुलहक, यूनिवर्सिटी, पीएमसीएच, गांधी मैदान और आकाशवाणी शामिल हैं। इस कोरिडोर की कुल लंबाई 8.08 किलोमीटर है। पटना मेट्रो के अंडरग्राउंड प्रोजेक्ट की लागत 1989 करोड़ रुपये है। इसके अलावा कोरिडोर-1 के तहत भी 6 अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन बनाए जाने हैं।

आकाशवाणी से गांधी मैदान, पीएमसीएच, मोइनुलहक स्टेडियम, राजेंद्र नगर टर्मिनल, मलाही पकड़ी होते हुए खेमनीचक होते हुए बैरिया बस अड्डा तक बनेगा। इसमें एक मेट्रो डिपो भी बनेगा। इसमें पांच एलिवेटेड और छह भूमिगत स्टेशन होंगे। इसकी लंबाई करीब 8.08 किलोमीटर होगी। इसमें भूमिगत स्टेशन आकाशवाणी, गांधी मैदान, पीएमसीएच, यूनिवर्सिटी, मोइनुलहक स्टेडियम और राजेंद्रनगर में भूमिगत स्टेशन हैं। 29 दिसंबर 2021 को कोरिडोर-2 के डिजाइन और निर्माण की जिम्मेवारी एल एंड टी कंपनी को दी गई है। इस कॉरिडोर का सिविल काम पूरा कर लिया गया है।

पहले मेट्रो स्टेशन बनेंगे फिर सुरंग का काम शुरू होगा

मोइनुलहक स्टेडियम में पटना मेट्रो रेल परियोजना के भूमिगत स्टेशन के शिलान्यास के बाद पटना मेट्रो के काम में तेजी आएगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को जिस अंडरग्राउंड स्टेशन का शिलान्यास किया, वह कॉरिडोर-2 पर है। कॉरिडोर-2 पर पहले भूमिगत स्टेशन बनेगा। उसके बाद टनल यानी सुरंग बनाने का काम शुरू होगा।

पटना में दो मेट्रो कोरिडोर का होना है निर्माण 

17 मार्च 2020 को पटना मेट्रो के अंडरग्राउंड प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई थी। इसके तहत दो कॉरिडोर निर्माणाधीन हैं। पहला कॉरिडोर दानापुर सगुना मोड़ से बेली रोड होते हुए पटना जंक्शन, मीठापुर होते हुए खेमनीचक, बैरिया तक जाएगा। दूसरा कॉरिडोर आकाशवाणी से गांधी मैदान, पीएमसीएच, मोइनुलहक स्टेडियम, राजेंद्र नगर टर्मिनल, मलाही पकड़ी होते हुए खेमनीचक, एनएच 30 होते हुए बैरिया बस अड्डा तक बनेगा।

पटना मेट्रो के कॉरिडोर-2 पर छह स्टेशन भूमिगत होंगे। वहीं, कोरिडोर- 1 पर भी छह स्टेशन भूमिगत होंगे। इस तरह पटना मेट्रो के कुल 12 स्टेशन जमीन के नीचे होंगे। पटना मेट्रो रेल कारपोरेशन के सूत्रों के अनुसार सबसे पहले अंडरग्राउंड स्टेशन बनाए जाएंगे। इसके बाद उस रूट के लिए टनल यानी सुरंग बनाने का कार्य शुरू किया जाएगा। अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन के लिए मिट्टी की जांच कर दी गई है। तकनीकी स्वीकृति के बाद आगे का काम शुरू किया जा रहा है। ज्यादातर भूमिगत रेलवे स्टेशनों का निर्माण कट एंड कवर पद्धति से किया जा रहा है।

पटना मेट्रो का पहला कॉरिडोर : 8 एलिवेटेड और 6 अंडरग्राउंड स्टेशन

दानापुर सगुना मोड़ से बेली रोड होते हुए पटना जंक्शन, मीठापुर होते हुए खेमनीचक तक तैयार होगा। 17.93 किमी लंबे इस कॉरिडोर पर आठ एलिवेटेड और छह भूमिगत स्टेशन होंगे। कॉरिडोर-1 में दानापुर से खेमनीचक के बीच रुकनपुरा, विकास भवन, विद्युत भवन, राजा बाजार, चिड़ियाघर, पटना रेलवे जंक्शन पर अंडर ग्राउंड स्टेशन बनेगा।

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